संसद से लेकर सड़क तक आज सभी जगह फैले भ्रष्टाचार से आम आदमी (आम मतलब वो जो घूस नहीं दे सकता है जिसमें थोड़ा ईमानदारी है) कुपित है। और देश के हजारों युवा इस आंदोलन को मज़ाक और हंसी का मुद्दा बना रहे हैं इस फोटो के जरिए जिसे लगभग हर रोज हजार से ज्यादा युवा like करते हैं।
5 अप्रैल को शुरू हुए अन्ना के अनशन में लगभग 70 से 80 प्रतिशत युवा शामिल थे। युवा यानि आने वाले समय में लोकतंत्र की डोर थामने वाले लोग। उस समय युवाओं ने फेसबुक ट्वीटर फोन और मिस कॉल के जरिए देश को हजारों लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा किया था। और शायद उसी समय सत्ता में बैठे लोगों को देश की युवा ताकत के बारे में अंदाजा हुआ था।
आज उसी रह बाबा रामदेव भी देश में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। लेकिन युवाओं ने उनके इस आंदोलन को फेसबुक में हंसी का पात्र बना दिया है। क्या अन्ना हज़ारे की तरह बाबा का आंदोलन भी देश के लिए नहीं है? शायद सभी लोगों का जवाब होगा नहीं...क्योंकि अन्ना हजारे निस्वार्थ भाव से देश सेवा में और देश के लिए आंदोलन कर रहे थे और बाबा के आंदोलन में राजनीति के साथ ही लालच की बू आती है। इसलिए शायद उनके आंदोलन में हजारों लोगों के होने के बाद भी युवाओं की उतनी संख्या नहीं है जितनी अन्ना के आंदोलन में थी।
बाबा और अन्ना की तुलना किसी भी कीमत में नहीं की जा सकती है लेकिन फिर भी जब देश का सवाल हो तो उसमें सभी को साथ खड़े होना ही होगा क्योंकि हम सभी जानते हैं कि देश में भ्रष्टाचार इतनी बुरी तरह से फैल चुका है कि उसके लिए हमें ही कुछ करना होगा। और इसके लिए युवाओं का समर्थन बहुत जरूरी है। मैं बाबा का समर्थन नहीं कर रही हूं ना ही मेरा अन्ना हजारे से कोई खास लगाव है लेकिन फिर भी मुझे अपने देश से शायद प्यार है या फिर मेरे जैसे मीडिल क्लास के लोग यही चाहते होंगें कि हमें घूस देने से छुटकारा मिले।
एक संस्थान में काम करते हुए अन्ना के अनशन के समय जब मैंने अपने एक सीनियर से पूछा था कि इस अनशन से कुछ होगा तो उन्होंने मुझसे कहा “ जब आरटीआई बन रहा था तो लोग उससे कई उम्मीदें रखे हुए थे हांलाकि सारी पूरी नहीं हुई पर कुछ तो हुई। इस आंदोलन से भी चाहे 50 प्रतिशत ही सही मिलेगा तो सही।” तो मुझे समझ में आया कि हर चीजें से सभी अच्छा ही अच्छा नहीं मिलता कुछ खराब भी मिलेगा।
लेकिन बाबा के इस आंदोलन को देश के युवा फेसबुक पर हंसी का मुद्दा बना रहे हैं। इतना ही नहीं बाबा को जहां इस फोटो में शोले के अभिनेता जय के रूप में दिखाया जा रहा है तो वहीं अन्ना हजारे को वीरू के तौर पर। हमें शर्म आनी चाहिए कि आज से एक दो महीने पहले हम जिस अन्ना को देश का नेता समझ रहे थे आज उनके साथ इतना भद्दा मजाक कर रहे हैं। हमें ये समझना चाहिए कि अन्ना के उसी आंदोलन की बदौलत आज राजा कनिमोझी जैसे कई भ्रष्टाचारी जेल की हवा खा रहे हैं। और ऐसे लोगों पर सरकार ना चाहते हुए भी शिकंजा कस रही है।
और उन्हीं की बदौलत भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठी थी। ऐसा नहीं है कि हम उससे अनजान थे पर आवाज़ उठाने की हिम्मत किसने की उस बूढे कंधों ने। एक ऐसे साधारण आदमी ने जो आँखों में मोटा चश्मा, गांधी टोपी लगाए थे। जिसके पास अपना कुछ नहीं था जो देश को ही अपना घर मानता है और हम आज उन्हीं के साथ मजाक कर रहे हैं।
क्यों हममें इतनी हिम्मत नहीं थी कि हम भी अन्ना की तरह आवाज उठा पाते क्या हम कर पाते वो सब जो अन्ना ने किया? नहीं ना फिर क्यों आज हम युवा ऐसा मजाक कर रहे हैं।
माना कि बाबा के आंदोलन से सब कुछ ठीक होगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ रातों-रात कानून बन जाएगा और अगर कानून बन भी गया तो उससे भ्रष्टाचारी पकड़े जाएंगें। विदेशों से काला धन वापस आ जाएगा, लेकिन फिर भी कुछ तो होगा। कुछ तो क्योंकि हर चीज से सब कुछ अच्छा नहीं मिलता कुछ बुरा भी मिलता है। और हमें भी इस आंदोलन से कुछ ना कुछ जरूर मिलेगा। और हमें फेसबुक पर
क्यों हममें इतनी हिम्मत नहीं थी कि हम भी अन्ना की तरह आवाज उठा पाते क्या हम कर पाते वो सब जो अन्ना ने किया? नहीं ना फिर क्यों आज हम युवा ऐसा मजाक कर रहे हैं।
माना कि बाबा के आंदोलन से सब कुछ ठीक होगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ रातों-रात कानून बन जाएगा और अगर कानून बन भी गया तो उससे भ्रष्टाचारी पकड़े जाएंगें। विदेशों से काला धन वापस आ जाएगा, लेकिन फिर भी कुछ तो होगा। कुछ तो क्योंकि हर चीज से सब कुछ अच्छा नहीं मिलता कुछ बुरा भी मिलता है। और हमें भी इस आंदोलन से कुछ ना कुछ जरूर मिलेगा। और हमें फेसबुक पर
- Lmao
- haha... best frnds.. :P lol :P
- ya...:P
- thanx 4 tag
- lolz
- lolx ty 4 tag
- Nice bhai.......
- Dhoom machale....
-i have shared it ....superlike!!!
-Hehe.. Nice..
-Hahahaha nice Jodi no wonder kya Karengeh
-hahahaha,nice 1
-nice one....,
-Ye dosti,hum nai...hmm hm hmm
-Cul...!
-baba.........................karne se hogaa!!!!
-ab yeh thodi ki baba ne kar liya aur hogaya, khud bhi toh karo...
ये सब लिखने की जगह कुछ और करना चाहिए। क्योंकि जब हम उन्हें वहां जाकर सपोर्ट नहीं कर पा रहे हैं तो फेसबुक के जरिए ही सही पर सपोर्ट करें। क्योंकि मिस्र में युवाओं ने ही एक क्रांति लाई थी और हमें भी अपनी ताकत के जरिए सत्ता पर काबिज लोगों के तख्त को हिलाकर उन्हें बताना है कि हममें भी देश को चलाने और बडे़-बड़े तख्तों को हिलाने की हिम्मत है।

lol
जवाब देंहटाएं